महाअवतार बाबाजी कौन हैं?
महाअवतार बाबाजी योग-जगत की उन रहस्यमयी विभूतियों में माने जाते हैं, जिनके विषय में शब्दों से अधिक उनकी साधना-परंपरा बोलती है। क्रिया योग परंपरा में उन्हें एक महान योगगुरु के रूप में श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है। उनके जीवन और हिमालय में उनकी उपस्थिति को लेकर अनेक आध्यात्मिक मान्यताएँ प्रचलित हैं, और हमारा प्रयास इसी परंपरा से प्रेरित क्रिया योग की साधना को समझना है।
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Guru Parampara
महाअवतार बाबाजी और क्रिया योग गुरु-परंपरा — अभ्यास, अनुशासन और आत्म-अनुभूति की जीवित धारा
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बाबाजी और लाहिड़ी महाशय
हिमालय में महाअवतार बाबाजी ने लाहिड़ी महाशय को क्रिया योग की दीक्षा प्रदान की — यह घटना क्रिया योग के आधुनिक प्रसार में विशेष महत्व रखती है।
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SADHANA
गुरु-परंपरा का वास्तविक अर्थ
सच्ची गुरु-परंपरा साधक को तीन बातें सिखाती है — अभ्यास, अनुशासन और अनुभव। नियमित अभ्यास से ही गुरु द्वारा दिया गया बीज अंकुरित होता है।
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KRIYA YOGA
क्रिया योग — एक जीवित साधना
आज का मनुष्य बाहर से पहले की अपेक्षा अधिक जुड़ा हुआ है, लेकिन भीतर से अक्सर अधिक अशांत है। क्रिया योग हमें पुनः अपने भीतर लौटने का निमंत्रण देता है।
Read Moreयही हमारे लिए महाअवतार बाबाजी की गुरु-परंपरा का जीवित संदेश है।
बाबाजी के क्रिया योग का उद्देश्य
क्रिया योग का उद्देश्य केवल श्वास-अभ्यास या ध्यान में समय बिताना नहीं, बल्कि मनुष्य को स्वयं के भीतर लौटने की दिशा देना है — बाबाजी को बाहर खोजने से पहले, अपने भीतर मौन को खोजना।
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